शिशु मृत्यु कम करने, जिले में सांस अभियान की शुरूआत

दमोह: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगीता त्रिवेदी ने बताया कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु को कम करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्तर पर निमोनिया के लक्षणों की शीघ्र पहचान-उपचार, प्रबंधन हेतु एस.ए.ए.एन.एस. (सोशल अवेयरनेस एंड एक्सन टू न्यूट्रीलाईज्ड निमोनिया सक्सेसफुली) अभियान राज्य शासन के निर्देश पर आरंभ किया गया है। डॉ. संगीता त्रिवेदी ने बताया कि खांसी और जुकाम का बढ़ना, तेजी से सांस चलना, सांस लेते समय पसली चलना जैसे लक्षण निमोनिया को दर्शाते है। इसलिए घरेलू उपचार में समय न गवायें निमोनिया के लक्षण पहचानकर बच्चों को तुरंत स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र लेकर जायें।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में 05 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु को कम करने के उद्देश्य से जिले में सांस अभियान की औपचारिक शुरूआत सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव की मौजूदगी में की गई।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रैक्सन अल्बर्ट ने बताया कि निमोनिया एक गंभीर जानलेवा बीमारी है। देश में 05 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का ये सबसे प्रमुख कारण है। निमोनिया जैसे जानलेवा संक्रमण से बचाव के लिए सांस अभियान 12 नवम्बर से 28 फरवरी दौरान सतत रूप से चलाया जायेगा। अभियान दौरान समुदाय स्तर पर प्रभावी रूप से बीमार बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, समुचित उपचार, आवश्यक प्रबंधन मैदानी स्वास्थ्य प्रदाता द्वारा किया जायेगा। निमोनिया की रोकथाम, बचाव, उपचार के बारे में समुदाय को जागरूक भी किया जायेगा।
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