दमोह जिला सीमा क्षेत्रान्तर्गत किसी भी धर्म/जाति/सम्प्रदाय की भावनाओं को आहत करने वाले सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी, भाषण, वक्तव्य वर्जित

जिला मजिस्ट्रेट मयंक अग्रवाल ने किया जादेश जारी
दमोह: जिला मजिस्ट्रेट मयंक अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक दमोह के प्रतिवेदन पर 27 अप्रैल 2023 की सायं 06 बजे से दमोह जिला सीमा क्षेत्रान्तर्गत किसी भी धर्म/जाति/सम्प्रदाय की भावनाओं को आहत करने वाले फेसबुक, वॉट्सअप, ट्विटर, स्ट्राग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया तथा इंटरनेट साईट आदि पर पोस्ट, कमेंट्स, लाईक, क्रास कमेंट्स, फारवर्डिंग का अग्रेषित करना आदि तथा सार्वजनिक स्थलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी/भाषण/वक्तव्य को वर्जित किया जाकर दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषिद्ध घोषित करने हेतु आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन/चूक करने पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जावेगी।
जिला मजिस्ट्रेट मयंक अग्रवाल ने कहा है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यथा व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम तथा ऐसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर कतिपय असामाजिक तत्वों के कई समूहों द्वारा सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने दो वर्गो/समुदायो के मध्य संघर्ष/वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने हेतु तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश एवं चित्रो, वीडियो आडियो मैसेज का प्रसारण किया जा रहा है तथा प्रसारण के माध्यम से एक स्थान पर एकत्रित होने एवं जातीय/धार्मिक समूहों के विरुद्ध वातावरण निर्मित करने जैसे संदेशो का प्रसारण होने की संभावना है। जिससे दमोह जिले की सामुदायिक सद्भावना एवं शान्ति व्यवस्था के लिये प्रतिकूल परिस्थितियां निर्मित हो सकती है एवं वैमनस्यता का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया जा सकता है।
जारी आदेश में कहा गया है कई बार विरूपित चित्र या आपत्तिजनक दृश्य व्हाट्सएप पर डालने से भी आम जन की भावनाऐं आहत होकर लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की स्थिति निर्मित हो जाती है। यहां यह उल्लेखनीय है कि आपत्तिजनक पोस्ट से उतनी वैमनस्यता का संचार नहीं होता जितना कि उस पोस्ट पर आये कमेन्ट एवं क्रास कमेंट के कारण होता है। इंटरनेट पर एक प्रकार से वैमनस्यता की अभिव्यक्ति ऐसे पोस्ट के माध्यम से होती है, जिस पर हर कोई बिना विचार किये एवं बिना किसी दायित्व के द्वेषपूर्ण एवं अश्लील शब्दों का प्रयोग कर जन समूह की भावनाओ को आहत करता है। जिससे भी जिले में लोक व्यवस्था एवं सामाजिक शांति भंग हो सकती हैं।
चूंकि यह आदेश दमोह जिला सीमा क्षेत्रांतर्गत तत्काल प्रभाव से प्रभावशील किया जाना आवश्यक है। इसकी सूचना की तामील सम्यक समय में करने की गुजाईश नहीं है, अतः यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है। संबंधित थाना प्रभारी इस आदेश की तामीली दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 134 (2) में उल्लेखित रीति अनुसार स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में उद्घोषणा प्रकाशित कर तथा ऐसे सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कर प्रकाशित करायेंगे, जो आम जनता को इत्तिला पहुंचाने के लिये सर्वाधिक उपयुक्त है।
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