बहुजन शायर की नई कविता " मेरिट "

ये जो हमे मेरिट का ज्ञान पेलते है,
ये खुद सियासत की गोद में खेलते हैं।।
अगर मुकाबला करना है,
तो शुरुआत की लाइन एक रखो
अरे तुम्हारे तो कत्ल तक माफ़ हो जाते हैं,
हम जूठे मुकदमे झेलते हैं।।
कैसे तुमने रोहित वुमेला, पायल तड़वी,
रमेश मीणा को मारा सब याद है।
कब तक छुपाते रहोगे मेरिट वालो, इस देश में सबसे
बड़ी बीमारी भेदभाव असमानता जातिवाद है।
जब बात तथ्य तर्क पर हो,
तो मैदान छोड़ क्यों भगता है।
मेरिट वालो तुम्हे समानता हिस्सेदारी से,
इतना डर क्यों लगता है।।
सरकार मीडिया शासन प्रशासन सब इनका है,
ये सियासत से फायदा मोटा लेते है।
अरे हमारे मेहनत हिस्सेदारी के आरक्षण को दोष
देने वाले खुद 10% का सुदामा कोटा लेते है।।
लेखक - बहुजन शायर - सुरेश मेहरा
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