Bilkis Bano Case : रात के अँधेरे मे मुँह छुपाकर अचानक जेल पहुंचे बिलकिस बानो के गुनाहगार
Bilkis Bano Case के सभी 11 गुनाहगारो ने सरेंडर कर दिया है। 21 जनवरी को देर रात 11:30 बजे सभी दोषी मुंह छिपाकर गुजरात की गोधरा जेल पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया। 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 21 जनवरी तक दोषियों को सरेंडर करने का आदेश दिया था।

Bilkis Bano Case : बिलकिस बानो के सभी 11 गुनाहगारो ने सरेंडर कर दिया है। 21 जनवरी को देर रात 11:30 बजे सभी दोषी मुंह छिपाकर गुजरात की गोधरा जेल पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया। 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 21 जनवरी तक दोषियों को सरेंडर करने का आदेश दिया था। दंगे के गुनाहगार 11 रेपिस्ट बाकाभाई वोहानिया, बिपिन चंद्र जोशी, केसरभाई वोहानिया, गोविन्द नाई, जसवन्त नाई, मितेश भट्ट, प्रदीप मोरधिया, राधेश्याम शाह, राजूभाई सोनी, रमेश चंदना और शैलेश भट्ट जेल मे प्रवेश पा गए हैं।
गोधरा ट्रेन में आग लगाने की घटना के बाद हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान बिलकिस का बेरहमी से सामूहिक बलात्कार किया गया था, उस समय वह 21 साल की थी और पांच महीने की गर्भवती थी। उसके परिवार के सात सदस्यों की दंगाइयों ने हत्या कर दी थी ।
जनवरी 2008 में एक विशेष अदालत ने 11 आरोपियों को बिलकिस बानो बलात्कार मामले में दोषी ठहराया, कोर्ट ने सभी 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई ।
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गुजरात दंगे के दौरान पीड़िता बिलकिस बानो के साथ 11 लोगों ने सामूहिक बलात्कार और कई लोगो के कातिलो को गुजरात सरकार ने संस्कारी मानते हुए माफी दे थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए इन रेपिस्ट / कातिलों की रिहाई को रद्द कर दिया है।जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। इस मामले में बिलकिस बानो ने खुद ही दोषियों को मिली सजा में छूट को चुनौती देते हुए याचिका दायर थी। उनकी याचिका के अलावा गुजरात सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली कई जनहित याचिकाएं भी दर्ज की गई थीं।
CBI ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा ?
CBI ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी को बचाने के लिए पोस्टमार्टम सही से नहीं किया गया था, CBI जांचकर्ताओं ने हमले में मारे गए लोगों के शव निकाले और कहा कि सात शवों में से किसी में भी खोपड़ी नहीं थी । CBI के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद लाशों के सिर काट दिए गए थे, ताकि शवों की शिनाख्त न हो सके।
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