बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम को किया याद

Mar 15, 2025 - 11:07
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बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम को किया याद
Photo: Kanshiram BSP

Kanshi Ram Jayanti 2025 : बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख बहन कुमारी मायावती ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक स्व. कांशीराम को उनके कामों के लिए याद किया हैं। 15 मार्च को उनका जन्मदिन है ऐसे में बहुजन समाज आज उन्हें दिल से याद करता है । बहुत समाज की प्रमुख मायावती ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा है ' बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता व संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके जन्मदिन पर बीएसपी द्वारा देश भर में शत-शत नमन, माल्यार्पण, श्रद्धा-सुमन अर्पित व उनके ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ मूवमेन्ट को तन, मन, धन से मज़बूत बनाने के संकल्प हेतु सभी का तहेदिल से आभार। बहुजन समाज’ को अपार गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, पिछड़ेपन, जातिवाद, साम्प्रदायिक हिंसा व तनाव आदि के त्रस्त जीवन से मुक्ति के लिए अपने कीमती वोट की ताकत को समझकर अपना उद्धार स्वंय करने योग्य बनने हेतु सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करना जरूरी, यही आज के दिन का उच्च संदेश।

यूपी की विशाल आबादी को अनुभव है कि बीएसपी का आयरन लेडी नेतृत्व कथनी में कम व करनी में ज़्यादा विश्वास रखता है और अपने शासनकाल में बहुजनों के सर्वांगीण विकास करके उनके काफी अच्छे दिन लाकर दिखाए भी हैं, जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों की अधिकतर बातें व दावे हवाहवाई व छलावा। '

दलितों के नेता - 

कांशीराम देश में दलित चेतना के बड़े सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ताओं में से एक हैं। पंजाब के रूपनगर में 15 मार्च 1934 को जन्मे कांशीराम की राजनीति की प्रयोगशाला उत्तर प्रदेश रही। यहां उन्होंने न सिर्फ एक बड़ा दलित आंदोलन खड़ा किया बल्कि प्रदेश की सत्ता में भी दाखिल होने में सफल रहे ।

बहुजन समाज पार्टी की स्थापना - 

दलित जातियों का आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक शोषण होता देख कांशीराम बेहद व्यथित हुए। वह दलितों के लिए कुछ करना चाहते थे, इसीलिए आंबेडकर जयंती 14 अप्रैल 1984 के दिन उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की ।

काशीराम के विचार -

“मैं बहुजनों को इस देश का हुक्मरान देखना चाहता हूं। क्योंकि जब तक बहुजन हुक्मरान नहीं बनेगा तब तक उसका कल्याण नहीं होगा।”

"वोट हमारा, राज तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा..."

"जब तक जाति है, मैं अपने समुदाय के लाभ के लिए इसका उपयोग करूंगा। यदि आपको कोई समस्या है तो जाति व्यवस्था को समाप्त करें।"

"जो लोग तुम्हारे हाथ का छुआ पानी तक नहीं पीते वह तुम्हारा वोट लेकर संसद में तुम्हारे हक के लिए क्या खाक लड़ेंगे!"

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Jitendra Meena Journalist, Mission Ki Awaaz