बसपा प्रमुख मायावती ने सपा सांसद के घर पर हमले की तुलना गेस्ट हाउस कांड से की, अखिलेश यादव से बोली पश्चाताप करो
Mayawati News - करणी सेना से जुड़े लोगों ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर तोड़फोड़ की। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि रामजी लाल सुमन ने क्षत्रिय समाज का अपमान किया और उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

Mayawati ( Uttar Pradesh News ) : राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के विवादित बयान को लेकर लगातार हंगामा मचा हुआ है । बसपा प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव को गेस्ट हाउस में मीटिंग में कराए गए हमले का जिक्र किया है । मायावती ने आगरा की घटना की तुलना 2 जून 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से की है, उन्होंने कहा है कि उस समय सपा की सरकार में उनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ था, जिसे अब याद किया जाना चाहिए और अखिलेश यादव को उसका पश्चाताप भी करना चाहिए ।
1. आगरा की हुई घटना के साथ-साथ सपा मुखिया को इनकी सरकार में दिनांक 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड में इस पार्टी द्वारा मेरे ऊपर कराया गया जानलेवा हमला भी इनको जरूर याद कर लेना चाहिये तथा इसका पश्चताप भी जरूर करना चाहिए। (1/2) — Mayawati (@Mayawati) March 28, 2025
बसपा सुप्रीमो मायावती ने लिखा है कि "आगरा की हुई घटना के साथ-साथ सपा मुखिया को इनकी सरकार में दिनांक 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड में इस पार्टी द्वारा मेरे ऊपर कराया गया जानलेवा हमला भी इनको जरूर याद कर लेना चाहिये तथा इसका पश्चताप भी जरूर करना चाहिए। अतः आगरा घटना की आड़ में अब सपा अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना बन्द करे तथा आगरा की हुई घटना की तरह यहां दलितों का उत्पीड़न और ज्यादा ना कराये।"
कल मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा था " सपा अपने राजनैतिक लाभ के लिए अपने दलित नेताओं को आगे करके जो घिनौनी राजनीति कर रही है अर्थात् उनको नुकसान पहुँचाने में लगी है, यह उचित नहीं। दलितों को इनके सभी हथकण्डों से सावधान रहना चाहिये। आगरा की हुई घटना अति चिन्ताजनक। साथ ही, सपा को अपने स्वार्थ में किसी भी समुदाय का अपमान करना ठीक नहीं, जिसके तहत अब इनको किसी समुदाय में दुर्गन्ध व किसी में सुगन्ध आ रही है। इससे समाज में अमन-चैन व सौहार्द बिगड़ेगा, जो ठीक नहीं।"
क्या है यूपी का गेस्ट हाउस कांड -
बसपा सुप्रीमो मायावती 2 जून 1995 की जिस घटना का जिक्र कर रही हैं, वह लखनऊ में घटी थी । उस समय उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार थी, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे । बसपा ने सपा से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया था, इसी को लेकर मायावती अपने समर्थकों के साथ लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक कर रही थीं । इसकी भनक जब सपा को लगी तो उसके कुछ विधायक और अन्य नेता वहां पहुंच गए, उन्होंने मायावती और अन्य बसपा नेताओं पर हमले की कोशिश की । इसके बाद से मुलायम सिंह यादव की सरकार गिर गई थी ।
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