आंखों पर पट्टी बांधकर ब्रह्मवाद की 11 वर्षीय मेघासिंह पढ़ देती है किताब

भरतपुर: बयाना क्षेत्र के ब्रह्मवाद की जाटव बस्ती में 25 नवंबर 2013 को जन्मी 11 वर्षीय मेघा सिंह पुत्र अध्यापक राजेंद्र प्रसाद जाटव की पुत्री कक्षा 7 सर्वोदय विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय ब्रह्मबाद की छात्रा है जो सुबह 4:00 से 5:00 तक 1 घंटे रोजाना 4 महीने से कर रही है मेडिटेशन।
पिता अध्यापक राजेंद्र प्रसाद और माता मीना कुमारी जो कि ग्रहणी है उनका कहना है कि पिछले 1 महीने से मेघा सिंह अपने भाई जिज्ञासु वर्मा के साथ आंखों पर पट्टी बांधकर किसी भी किताब को पढ़ देती है और किताब में उकेरे गए रंग को भी बता देती है यही नहीं दीवार के पीछे रखे सामान को सुबह 4:00 से 5:00 के बीच मेडिटेशन करती है तब दीवार के पीछे रखी किसी भी वस्तु को नाम सहित बता देती है कि फल सामान फलां जगह पर रखा हुआ है।
चमत्कार से काम नहीं है मेघा सिंह की योग्यता
इस बारे में जब मेघा सिंह के पिता अध्यापक राजेंद्र प्रसाद द्वारा वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश वर्मा को बताया गया तो पत्रकार ओमप्रकाश वर्मा ने मेघा सिंह को सैकड़ो लोगों की उपस्थिति में ब्रह्मवाद के अंबेडकर पार्क में बुलाया गया, पत्रकार ओमप्रकाश वर्मा ने अपनी टॉवल की चार तह करके मेघा सिंह की आंखों पर पट्टी बांध दी फिर सबके सामने मेघा सिंह को किताब दी गई जहां उसने किताब को पढ़ा जिसे देखकर सभी ग्रामवासी हैरान रह गए उसके बाद पत्रकार ओमप्रकाश वर्मा ने मेघा सिंह को एक कॉपी पर भारत का संविधान लिखकर दिया जिसे उसने तुरंत ही पढ़ दिया और जिस कलर के पेन की स्याही लिखा गया उसका कलर भी बता दिया गया । इस अवसर पर लोगों का कहना था कि लड़की की योग्यता किसी आश्चर्य से काम नहीं है। इसकी जानकारी जब ग्राम वासियों को लगी तो ग्रामीणों में कोतूहल का विषय बना हुआ है। इस मौके पर कृषि अधिकारी हरभान सिंह, डॉ मोहन सिंह, बाबूलाल डोंग्या, बनयसिंह अध्यापक, राजेश अध्यापक, महाराज सिंह, रामेश्वर, मानसिंह अमर सिंह, लज्जाराम ,जितेंद्र सिंह ,लालाराम मेंबर, मिश्रीलाल, भूपेंद्र सिंह, भूपी सिंह सहित सैकड़ो लोगों ने मेघा सिंह और उनके माता-पिता को धन्यवाद दिया, और मेघा सिंह और उसके भाई जिज्ञासु वर्मा के उज्जवल भविष्य की कामना।
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